नगरीय निकाय निर्वाचन में लागू होंगे पेड-न्यूज के प्रावधान
एम.सी.एम.सी. का मीडिया कन्ट्रोल रूम स्थापित
राजनैतिक दलों एवं अभ्यार्थी को विज्ञापन प्रदर्शन के पूर्व कराना होगा एम.सी.एम.सी. से प्रमाणीकरण
पंजीकृत दलों एवं अभ्यार्थी को विज्ञापन प्रकाशन एवं प्रसारण के लिए तीन दिन एवं अन्य आवेदक को सात दिन पूर्व करना होगा आवेदन
खण्डवा (10,नवम्बर,2014) - लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचन की तरह नगरीय निकाय निर्वाचन में भी पेड-न्यूज के प्रावधान लागू होंगे। नगरीय निकाय निर्वाचन में व्यय की सीमा केवल नगरपालिक निगम के महापौर, नगरपालिका परिषद तथा नगर परिषद के अध्यक्ष पद के अभ्यर्थियों के लिये ही निर्धारित है। अतः पेड-न्यूज के प्रावधान केवल इन्हीं पर लागू होंगे।
जिसके उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी महेश अग्रवाल ने कहा है कि पेड-न्यूज के प्रावधानों का उद्देश्य निर्वाचन के दौरान प्रचार-प्रसार में पारदर्शिता लाना, धन एवं बाहुबल की किसी भी निर्णायक भूमिका पर अंकुश लगाना और सभी अभ्यर्थियों के लिये एक समान अवसर उपलब्ध करवाना है। जिससे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन सम्पन्न हो सके।
पंजीकृत दलों एवं अभ्यार्थी को विज्ञापन प्रकाशन एवं प्रसारण के लिए तीन दिन एवं अन्य आवेदक को सात दिन पूर्व करना होगा आवेदन - मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति में विज्ञापन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए जिला जनसम्पर्क अधिकारी एवं सदस्य सचिव एम.सी.एम.सी. ने बताया कि यदि कोई राजनैतिक दल या अभ्यार्थी यदि कोई विज्ञापन इलेक्ट्रानिक मीडिया (टीवी, केबिल, नेटवर्क, सिनेमा हाल, रेडियो) पर प्रकाशित/ प्रसारित कराना चाहता है तो उसे निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। समिति द्वारा अनुमोदित,/यथा संशोधित विज्ञापन का ही प्रकाशन एवं प्रसारण हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि आदर्श आचार संहिता के किन्ही भी प्रावधानों का उल्लंघन ऐसे विज्ञान/ प्रसारण से नही होना चाहिए।
इसके लिए पंजीकृत राजनैतिक दल एवं अभ्यर्थी को प्रस्तावित प्रकाशन और प्रसारण की अनुमति के लिये जिला-स्तरीय समिति में निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। राजनैतिक दल एवं अभ्यर्थी को प्रसारण के 3 दिन पूर्व तथा अपंजीकृत राजनैतिक दल एवं अन्य आवेदक को 7 दिन पूर्व आवेदन करना होगा। समिति दो दिन में आवेदन का निराकरण करेगी।
पेड न्यूज की शिकायतों की जांच - सतत् मॉनीटरिंग के दौरान या किसी व्यक्ति या प्रेक्षक से प्राप्त पेड न्यूज संबंध में ऐसी शिकायत की जांच तत्परता पूर्वक की जाएगी। शिकायत सही पाये जाने पर प्रतिवेदन संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को भेजा जायेगा। जो संबंधित अभ्यर्थी को नोटिस भेजेगा कि इसमें हुये वास्तविक व्यय की राशि बताते हुये स्पष्ट करें कि इसे उसके निर्वाचन व्यय में क्यों न शामिल किया जाये। विकल्प के रूप में डी.आई.पी.आर. / डी.ए.वी.पी. की दर के आधार पर कल्पित व्यय की राशि की गणना करते हुए इसके निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक को भी भेजी जाएगी।
अभ्यर्थी द्वारा 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से उत्तर देना अपेक्षित होगा। अन्यथा उसके विरूद्ध एकतरफा कार्यवाही की जावेगी। उसे सुनने के उपरांत एम.सी.एम.सी. द्वारा अंतिम निर्णय लिया जायेगा। अभ्यर्थी द्वारा निर्धारित अवधि मंे उत्तर न दिये जाने की स्थिति में उसके विरूद्ध एक तरफा कार्यवाही की जाएगी।
इलेक्ट्रानिक एवं प्रिंट मीडिया में प्रसारित/प्रकाशित राजनैतिक विज्ञापनों का सतत् अनुवीक्षण - एम.सी.एम.सी. द्वारा राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के विज्ञापनो का सतत् अनुवीक्षण (एम.सी.एम.सी. द्वारा) यह देखने के लिए किया जाएगा कि उनका पूर्व प्रमाणीकरण कराया गया है। और यह कि जो प्रकाशन या प्रसारण हो रहा है वह पूर्व प्रमाणीकृत एवं अनुमोदित प्रारूप के अनुसार है। इसका उल्लंघन होने पर एम.सी.एम.सी. के प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित रिटर्निंग आफिसर द्वारा राजनैतिक दल या अथ्यर्थी को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा एवं तदनुसार आगामी कार्यवाही की जाएगी।
अथ्यर्थी से भिन्न व्यक्ति (अन्य व्यक्ति दुर्भावना से करता है तब) द्वारा कराये गये विज्ञापन के संबंध में यह देखा जाएगा कि ऐसा प्रकाशन एवं प्रसारण अभ्यर्थी की पूर्व अनुमति से हुआ है। यदि हॉं, तो इसमें हुए व्यय को अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय में धारा 171 एच के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। एम.सी.एम.सी. के प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्यवाही संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा की जाएगी।
यह है भारतीय दण्ड विधान की धारा 171 एच के मुख्य प्रावधान -
171 एच - जो कोई किसी अभ्यर्थी को साधारण या विशेष लिखित प्राधिकार के बिना ऐसे अभ्यर्थी का निर्वाचन अग्रसर करने या निर्वाचन करा देने के लिए कोई सार्वजनिक सभा करने में या किसी विज्ञापन, परिपत्र या प्रकाशन पर या किसी भी अन्य ढंग से व्यय करेगा या करना प्राधिकृत करेगा। वह जुर्माने से, जो पांच सौ रूपये तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा।
क्रमांक/59/2014/1706/वर्मा
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