सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अंतर्गत बिंग कमाण्डर ने माननीय राज्यपाल के संदेष का किया वाचन
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने सभी से भूतपूर्व सैनिकों के लिए अनुदान राषि देकर सहयोग करने की कि अपील
खण्डवा (08 दिसम्बर,2014) - भारत की स्वतंत्रता की शुरूआत से भारतीय जनता ने अपनी कृतज्ञता, प्रशंसा व निष्ठा सशस्त्र सेनाओं के प्रति व्यक्त की है और सशस्त्र सेनाओं के इतिहास को स्वतंत्रता दिवस के पूर्व से गौरवशाली बनाया है। जिनके सम्मान में स्वतंत्रता के बाद 1949 में केबिनेट ने एक निर्णय के द्वारा प्रतिवर्ष 7 दिसम्बर को पूरे भारत में सशस्त्र झण्डा दिवस मनाने का आदेश पारित किया था। लेकिन इस वर्ष संचालनालय सैनिक कल्याण भोपाल के निर्देशाुनसार सशस्त्र सेना झण्डा दिवस 6 दिसम्बर को मनाया गया। यह जानकारी सोमवार को कलेक्टोरेट सभागृह में आयोजित सर्वकार्यालय प्रमुखों की बैठक में बिंग कमाण्डर एम.नासिर ने दी। उन्होंने इस अवसर पर माननीय राज्यपाल द्वारा जारी संदेष का वाचन भी किया। जिसके बाद कलेक्टर श्री महेष अग्रवाल , अपर कलेक्टर एस.एस. बघेल, सीईओ जिला पंचायत अमित तोमर, समेत सभी विभाग प्रमुखों को फ्लेग बैच भी लगाया।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री महेष अग्रवाल ने भी सभी लोगों से भूतपूर्व सैनिकों के सहयोग के लिए अपने स्तर पर अनुदान राषि देने की अपील की। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यह राषि उन सैनिकों के लिए उपयोग में ली जाती है, जो युद्ध एवं सैनिक कार्यवाही के द्वारा जो अपनी स्वार्थ रहित सेवाओं के दौरान वीरगति को प्राप्त हो जाते है। कुछ अपंग हो जाते हैं। जिससे कि उनके परिवार व वह स्वयं दूसरों पर आश्रित हो जाते हैं। दूसरों पर बोझ बन जाते हैं और इज्जत की जिंदगी जीने से वंचित रह जाते हैं। इसलिये हमारा यह दायित्व बनता है कि उनके आश्रितों की उचित देखभाल हो और जो अपंग हो गये हैं उनका पुनर्वास हो ताकि वे अपने परिवार पर बोझ न बनें।
इन कार्यों में होता है उपयोगः- इसके साथ ही इस मौके पर बिंग कमाण्डर ने झण्डा दिवस पर जानकारी देते हुए बताया कि इस दिन प्रतीक ध्वज तथा कार ध्वज विभिन्न सरकारी तथा गैरसरकारी संस्थानों को वितरित किये जाते हैं। उनसे पूरे वर्ष अनुदान प्राप्त किया जात है। जो कि सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याणार्थ उपयोग किया जाता है। जिसमें कुछ कल्याणकारी योजनाएँ है -
ऽ युद्ध विधवाओं का व्यवस्थापन।
ऽ अपंग सैनिकों के लिये पुनर्वास।
ऽ शहीदों के पुत्र पुत्रियों हेतु शिक्षा एवं विवाह अनुदान।
ऽ वरिष्ठ एवं निराश्रित भूतपूर्व सैनिकों तथा विधवाओं का जीवन यापन।
अनुदान राशि पर आयकर से छूटः- इस फण्ड में संचित जमा की राशि भारत सरकार रक्षा मंत्रालय के पत्र दिनांक 6 मार्च, 1959 तथा नोटिफिकेशन दिनांक 25 अक्टूबर, 1976 के अनुसार आयकर से पूर्ण रूप से मुक्त है। उपरोक्त राशि चैक या बैंक ड्राफ्ट या नगद भी भेजी जा सकती है। जो कि अमलगमेटेड स्पेशल फण्ड फॉर रिकन्सट्रक्सन एवं रिहेबिलिटेशन ऑफ एक्स सर्विसमेन के खाते में जमा होती है और वर्ष भर सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याणर्थ उपयोग की जाती हैं।
क्रमांक/31/2014/1866/वर्मा
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